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Q: मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग-III में नहीं रखा गया क्योंकि भाग-III ________ है।
  • A. वादयोग्य
  • B. नियम विवर्जित
  • C. वादयोग्य नहीं
  • D. अप्रवर्तनीय
Correct Answer: Option A - मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग-III में नहीं रखा गया क्योंकि भाग-III वादयोग्य है। इन्हें भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) में रखा गया है, जबकि मौलिक कर्तव्य नागरिकों के नैतिक दायित्व है परंतु इनके उल्लंघन में कोई वाद नहीं हो सकता। ये अलंघनीय नहीं हैं तथा ये भारतीय परम्परा से पोषित है।
A. मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग-III में नहीं रखा गया क्योंकि भाग-III वादयोग्य है। इन्हें भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) में रखा गया है, जबकि मौलिक कर्तव्य नागरिकों के नैतिक दायित्व है परंतु इनके उल्लंघन में कोई वाद नहीं हो सकता। ये अलंघनीय नहीं हैं तथा ये भारतीय परम्परा से पोषित है।

Explanations:

मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान के भाग-III में नहीं रखा गया क्योंकि भाग-III वादयोग्य है। इन्हें भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) में रखा गया है, जबकि मौलिक कर्तव्य नागरिकों के नैतिक दायित्व है परंतु इनके उल्लंघन में कोई वाद नहीं हो सकता। ये अलंघनीय नहीं हैं तथा ये भारतीय परम्परा से पोषित है।