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Q: मानव व्यक्तित्व के मनो-लैंगिक विकास को निम्न में किसने महत्व दिया था -
  • A. कमेनियस
  • B. हॉल
  • C. हालिंगवर्थ
  • D. फ्रायड
Correct Answer: Option D - व्यक्तित्व के विकास की व्याख्या के लिए सिगमण्ड फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत का प्रतिपादन किया। फ्रायड ने व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है - (1) मुखीय अवस्था (2) गुदीय अवस्था (3) लैंगिक अवस्था (4) अदृश्यवस्था (5) जननेन्द्रियावस्था।
D. व्यक्तित्व के विकास की व्याख्या के लिए सिगमण्ड फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत का प्रतिपादन किया। फ्रायड ने व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है - (1) मुखीय अवस्था (2) गुदीय अवस्था (3) लैंगिक अवस्था (4) अदृश्यवस्था (5) जननेन्द्रियावस्था।

Explanations:

व्यक्तित्व के विकास की व्याख्या के लिए सिगमण्ड फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत का प्रतिपादन किया। फ्रायड ने व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है - (1) मुखीय अवस्था (2) गुदीय अवस्था (3) लैंगिक अवस्था (4) अदृश्यवस्था (5) जननेन्द्रियावस्था।