5% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ₹3,000 के ब्याज की तुलना में ₹2,460 का साधारण ब्याज 162 कम होगा। लिया गया समय वर्ष में ज्ञात कीजिए।
Which committee has considered work education as purposeful and meaningful manual work that results in goods or services useful to the society? किस समिति ने कार्य शिक्षा का उद्देश्यपूर्ण और सार्थक मैन्युअल कार्य के रूप में माना है जिसके परिणामस्वरूप समाज के लिए उपयोगी वस्तुओं या सेवाएं होती है?
A simply supported beam of length '3a' supports three loads separated by distance 'a'. The middle load is 2P, while the loads at distance 'a' from each support are P each. What will be the maximum shear force in the beam?
घन आनंद किस काल के कवि हैं?
यदि T का अर्थ घटाना है, K का अर्थ भाग है, J का अर्थ गुणा है और Q का अर्थ जोड़ना है, तो निम्नलिखित का मान ज्ञात कीजिए: 18 K 3 Q 4 J 2 T 5 = ?
Which of the following part is not found in DC machine? निम्नलिखित में से कौन-सा भाग (part), DC मशीन में नहीं होता है?
हाल ही में 'वैश्विक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2024' किस शहर में आयोजित हुआ था?
निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार कीजिए : कथन (A) : उत्तरांचल राज्य में विकास के लिए बहुत अन्त: शक्ति है। कारण (R) : विकास के लिए वैज्ञानिक नियोजन तथा प्रभावी क्रियान्वयन मशीनरी की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा एक सही है?
निर्देश:अधोलिखितं गद्याशं पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उचिततमम् उत्तरं चिनुत । ‘अस्ति मगधदेशे फुल्लोत्पलाभिधानं सर: । तत्र चिरं संकटविकटनामानौ हंसौ निवसत: । तयोर्मित्रं कम्बुग्रीवनामा कूर्मश्व प्रतिवसति । अथैकदा आखेटकैरागत्य तत्रोक्तम् – ‘तदत्रास्माभिरद्योषित्वा प्रातर्मत्स्यकूर्मादयो व्यापादयितव्या: ।’ तदाकरण्य कूर्मो हंसावाह – ‘सुह्रदौ ! श्रुतोऽयं धीवरालाप:; अधुना किं मया कर्तव्यम् ? ।’ हंसावाहतु: – ‘ज्ञायताम् । पुनस्तावत्प्रातर्यदुचितं तत्कर्तव्यम् ।’ कूर्मो ब्रूते – ‘मैवम् । यतो दृष्टव्यतिकरोऽहमत्र ।’ तथाचोक्तम् – अनागतविधाता तथा च प्रत्युत्पन्नमति : द्वावेतौ सुखेन आसाते यद्भविष्यो विनश्यति । तावाहतु: – कथमेतत् ? कूर्म कथयति ‘पुरास्मिन्नेव सरस्येवंविधेषु आखेटकेषूपस्थितेषु मत्स्यत्रयेणालोचितम् ।’ तत्रानागतविधाता नामैको मत्स्य:। तेनालोचितम् – ‘अहं तावज्जलाशयान्तरं गच्छामि’ इत्युक्तवा ह्नदान्तरं गत: । अपरेण प्रत्युत्पन्नमतिनाम्ना मत्स्येनाभिहितम् – ‘भविष्यदर्थे प्रमाणाभावात् कुत्र मया गन्तव्यम् ? तदुत्पन्ने यथाकार्यं तदनुष्ठेयम् । यद्भविष्येणोक्तम् – यद् अभावि न तद्भावि, भावि चेत् तद् अन्यथा न भवति। तत: प्रातर्जालेन बद्ध: प्रत्युत्पन्नमतिर्मृतवदात्मानं संदश्र्य स्थित:। ततो जालादपसारितो यथाशक्तयुत्प्लुत्य गभीरं नीरं प्रविष्ट: । यद्भविष्यश्व आखेटकै : प्राप्तो व्यापादित: । अतोऽहं ब्रवीमि – ‘‘अनागतविधाता’’ इत्यादि ।। तद्यथाहमन्यह्नदं प्राप्नोमि तथा क्रियताम् ।’ हंसावाहतु:–‘जलाशयान्तरे प्राप्ते तव कुशलम्, स्थले गच्छतस्ते को विधि:?’ कूर्म आह–‘यथाऽहं भवदभ्यां सहाकाशवर्त्मंना यामि तथा विधीयताम् ।’ हंसौ ब्रूत: – ‘कथमुपाय: संभवति ?’ । कच्छपो वदति – ‘युवाभ्यां अञ्चुधृतं काष्ठखण्डमेकं मया मुखेनावलम्ब्य गन्तव्यम् । युवयो: पक्षबलेन मयापि सुखेन गन्तव्यम् ।’अस्मिन् गद्यांशे कूर्मस्य पर्यायवाची कोऽन्य शब्द: ?
In ∆ABC, ∠B = 68⁰ and ∠C = 32⁰. Sides AB and AC are produced to points D and E, respectively. The bisectors of ∠DBC and ∠BCE meet at F. What is the measure of ∠BFC?
Explanations:
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