Correct Answer:
Option A - ‘‘न तु प्रतिनिविष्टमूर्खजनचित्तमाराधयेत्’’ यहाँ प्रतिनिविष्ट पद का अभिप्राय ‘‘दुराग्रह विशेष से युक्त’’ है। यह सूक्ति भर्तृहरि कृत नीतिशतकम् से उद्धृत है। प्रस्तुत सूक्ति का अभिप्राय-
‘‘दुराग्रह विशेष से ग्रस्त मूर्ख व्यक्ति के चित्त को प्रसन्न नहीं किया जा सकता है।’’
A. ‘‘न तु प्रतिनिविष्टमूर्खजनचित्तमाराधयेत्’’ यहाँ प्रतिनिविष्ट पद का अभिप्राय ‘‘दुराग्रह विशेष से युक्त’’ है। यह सूक्ति भर्तृहरि कृत नीतिशतकम् से उद्धृत है। प्रस्तुत सूक्ति का अभिप्राय-
‘‘दुराग्रह विशेष से ग्रस्त मूर्ख व्यक्ति के चित्त को प्रसन्न नहीं किया जा सकता है।’’