Correct Answer:
Option D - नीलकण्ठ शब्द में बहुव्रीहि समास है। इसका समास विग्रह ‘नीला है कंठ जिसका’ अर्थात ‘भगवान शिव’ होगा।
बहुव्रीहि समास- वह सामासिक पद जिसमें कोई पद प्रधान न हो तथा प्रथम एवं द्वितीय पद अपना मूल अर्थ खोकर अन्य अर्थ दे वहाँ बहुव्रीहि समास होता है।
जैसे- वीणापाणि • वीण है पाणि (हाथ) में जिसके - सरस्वती
D. नीलकण्ठ शब्द में बहुव्रीहि समास है। इसका समास विग्रह ‘नीला है कंठ जिसका’ अर्थात ‘भगवान शिव’ होगा।
बहुव्रीहि समास- वह सामासिक पद जिसमें कोई पद प्रधान न हो तथा प्रथम एवं द्वितीय पद अपना मूल अर्थ खोकर अन्य अर्थ दे वहाँ बहुव्रीहि समास होता है।
जैसे- वीणापाणि • वीण है पाणि (हाथ) में जिसके - सरस्वती