Q: निम्न गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्रश्न संख्या 90 से 94) में सबसे उचित विकल्प चुनिए : राजस्थान समाज के आगे मैं इसलिए नतमस्तक हूँ कि उसने ओरण की व्यवस्था सैकड़ों वर्ष पहले निकाली। ओरण यानि एक ऐसा जंगल जो केवल अकाल के समय में खुलेगा। इसका मतलब एक ऐसा कुआँ जो केवल आग लगने पर उसे बुझाने के काम आए। मतलब उसको पीने के लिए या नहाने के लिए नहीं लगाना है। ऐसे विशेष जंगल उन्होंने बनाए। इसका यह मतलब नहीं कि राजस्थान में अकाल नहीं आते। अकाल खूब आए लेकिन उनसे लड़ने की और उनको सहने की हमारी तैयारी पक्की रखी। लड़ना भी शब्द नहीं रहा। अकाल भी हमारे परिवार का एक हिस्सा है। प्रकृति आज थोड़ा-सा ज्यादा पानी बरसा गई है, कल थोड़ा कम गिरा देगी। तो उसके स्वभाव को देखना है। उन्होंने एक अन्दाज लगाया होगा अपने 500 पीढि़यों के इतिहास में से। हर 13-14 साल में वर्षा कम हो जाती है, अकाल पड़ता है। तो अपने को 12-13 साल तक एक जंगल को बचा कर रखना है। ओरण का जो अलग-अलग बंद और खुलने का समय है वह भी तय किया गया। पूजा और मंदिर से भी जोड़ा गया, वह तो इसलिए कि उनको ब़ड़े पैमाने पर कोई चीज करनी थी। वह धर्म से जुड़े बिना नहीं हो सकती थी।‘नतमस्तक’ में समास है–
A.
तत्पुरुष
B.
द्विगु
C.
बहुब्रीहि
D.
द्वन्द्व
Correct Answer:
Option A - ‘नतमस्तक’ में तत्पुरुष एवं बहुब्रीहि दोनों समास होंगे। जब ‘नतमस्तक’ का विग्रह ‘मस्तक से नत (झुका हुआ)’ करेंगे तो इसमें करणतत्पुरुष समास होगा एवं जब इसका विग्रह ‘नत है मस्तक जिसका वह’ करेंगे तो बहुब्रीहि समास होगा।
A. ‘नतमस्तक’ में तत्पुरुष एवं बहुब्रीहि दोनों समास होंगे। जब ‘नतमस्तक’ का विग्रह ‘मस्तक से नत (झुका हुआ)’ करेंगे तो इसमें करणतत्पुरुष समास होगा एवं जब इसका विग्रह ‘नत है मस्तक जिसका वह’ करेंगे तो बहुब्रीहि समास होगा।
Explanations:
‘नतमस्तक’ में तत्पुरुष एवं बहुब्रीहि दोनों समास होंगे। जब ‘नतमस्तक’ का विग्रह ‘मस्तक से नत (झुका हुआ)’ करेंगे तो इसमें करणतत्पुरुष समास होगा एवं जब इसका विग्रह ‘नत है मस्तक जिसका वह’ करेंगे तो बहुब्रीहि समास होगा।
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