Correct Answer:
Option A - भविष्य की योजना की सूझ–बूझ बाल्यावस्था के बाद की अवस्था अर्थात् किशोरावस्था की बौद्धिक विशेषता नहीं है क्योंकि किशोरावस्था में बालक अपने भविष्य की योजनाओं के प्रति चिंतित रहता है, जिसके कारण वह तनाव में रहता है न कि वह अपने भविष्य की योजनाओं के प्रति सूझ–बूझ प्रदर्शित करता है। यह विशेषता सामान्यत: प्रौढ़ावस्था की हो सकती है।
A. भविष्य की योजना की सूझ–बूझ बाल्यावस्था के बाद की अवस्था अर्थात् किशोरावस्था की बौद्धिक विशेषता नहीं है क्योंकि किशोरावस्था में बालक अपने भविष्य की योजनाओं के प्रति चिंतित रहता है, जिसके कारण वह तनाव में रहता है न कि वह अपने भविष्य की योजनाओं के प्रति सूझ–बूझ प्रदर्शित करता है। यह विशेषता सामान्यत: प्रौढ़ावस्था की हो सकती है।