Correct Answer:
Option A - संस्कृत वाङ्मयस्य सूक्तय: ‘अभ्युदयाय’ प्रेरयन्ति। अर्थात् संस्कृत वाङ्मय की सूक्तियाँ ‘अभ्युदय के लिए’ प्रेरित होती है। अस्या: वाङ्मये विद्यमाना: सूक्तय: अभुदयाय प्रेरयन्ति।
A. संस्कृत वाङ्मयस्य सूक्तय: ‘अभ्युदयाय’ प्रेरयन्ति। अर्थात् संस्कृत वाङ्मय की सूक्तियाँ ‘अभ्युदय के लिए’ प्रेरित होती है। अस्या: वाङ्मये विद्यमाना: सूक्तय: अभुदयाय प्रेरयन्ति।
Explanations:
संस्कृत वाङ्मयस्य सूक्तय: ‘अभ्युदयाय’ प्रेरयन्ति। अर्थात् संस्कृत वाङ्मय की सूक्तियाँ ‘अभ्युदय के लिए’ प्रेरित होती है। अस्या: वाङ्मये विद्यमाना: सूक्तय: अभुदयाय प्रेरयन्ति।
Download Our App
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit.
Excepturi, esse.
YOU ARE NOT LOGIN
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized
experiences.