Explanations:
भारत में पहली बार आंशिक जनगणना की शुरुआत सन् 1872 में गवर्नर लार्ड मेयों के शासन काल में हुयी। किन्तु नियमित और प्राधिकृत जनगणना का श्रेय लॉर्ड रिपन को जाता है जिन्होंने सन् 1881 में यह कार्य किया। भारत की जनगणना में 1911 से 1921 तक जनसंख्या वृद्धि दर न्यूनतम थी। इसलिए वर्ष 1921 को जनगणना वर्षों में से भारत के जनगणना का ‘‘महाविभाजन वर्ष’’ भी कहा जाता है।