Correct Answer:
Option B - कश्मीर के महान शासक (बुडशाह) जैनुल आबिदीन (1420-1470 ई.) द्वारा निर्मित कश्मीर की जामा मस्जिद में बुर्ज, बौद्ध पैगोड़ाओं से समानता तथा फारसी शैली तीनों विशेषताओं का प्रभाव प्रचुरता से दिखाई देता है। इसने अपने पिता (सिकन्दरशाह) के बिल्कुल विपरीत उदार, जनकल्याणकारी और धार्मिक सहिष्णुतावादी नीतियों का अनुसरण किया। इसने जजिया कर हटा दिया। गोहत्या निषिद्ध कर दिया। हिन्दुओं की भावनाओं का आदर करते हुए सती प्रथा पर से प्रतिबन्ध हटा दिया। वह कश्मीरी, फारसी, संस्कृत एवं अरबी भाषा का विद्वान था। वह `कुतुब' उपनाम से फारसी में कविताएँ भी लिखता था। उसकी उदार नीतियों के कारण उसे `कश्मीर का अकबर' तथा सुदृढ़ आर्थिक व्यवस्था के कारण उसे `कश्मीर का अलाउद्दीन खिलजी' कहा जाता है।
B. कश्मीर के महान शासक (बुडशाह) जैनुल आबिदीन (1420-1470 ई.) द्वारा निर्मित कश्मीर की जामा मस्जिद में बुर्ज, बौद्ध पैगोड़ाओं से समानता तथा फारसी शैली तीनों विशेषताओं का प्रभाव प्रचुरता से दिखाई देता है। इसने अपने पिता (सिकन्दरशाह) के बिल्कुल विपरीत उदार, जनकल्याणकारी और धार्मिक सहिष्णुतावादी नीतियों का अनुसरण किया। इसने जजिया कर हटा दिया। गोहत्या निषिद्ध कर दिया। हिन्दुओं की भावनाओं का आदर करते हुए सती प्रथा पर से प्रतिबन्ध हटा दिया। वह कश्मीरी, फारसी, संस्कृत एवं अरबी भाषा का विद्वान था। वह `कुतुब' उपनाम से फारसी में कविताएँ भी लिखता था। उसकी उदार नीतियों के कारण उसे `कश्मीर का अकबर' तथा सुदृढ़ आर्थिक व्यवस्था के कारण उसे `कश्मीर का अलाउद्दीन खिलजी' कहा जाता है।