Correct Answer:
Option A - चालू खाते में रुपये की पूर्ण परिवर्तनीयता की घोषणा 28 फरवरी, 1994 को की गई। रुपये की पूर्ण विनिमेयता/परिवर्तनीयता का अर्थ है चालू खाते तथा पूँजी खाते पर होने वाली सभी व्यवहारों को पूरा करने के लिए रुपये को किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वीकृत मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता तथा विदेशी मुद्रा को देश की मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता। पूँजी खाते पर परिवर्तनीयता का अर्थ हुआ पूँजी के अंतप्र्रवाह तथा बहिप्र्रवाह, भारतीयों द्वारा भारत में भारत से बाहर सम्पत्ति को बेचना तथा खरीदना तथा प्राप्त रुपये को देश से बाहर ले जाने पर या किसी विदेशी करेंसी में अपना जमा रखने की पूर्ण स्वतंत्रता। पूँजी खाता पर परिवर्तनीयता के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा, एस०एस० तारापोर की अध्यक्षता में गठित समिति ने् जून, 1997 में कुछ निश्चित दशाओं की पूर्ति पर क्रमिक ढंग से पूंजी खाते पर परिवर्तनीयता की संस्तुति की। यद्यपि पूँजी खाते पर पूर्ण परिवर्तनीयता नहीं हुयी है पर पूँजी खाते पर उदारीकरण के संबंध में अनेक कदम उठाए गए हैं।
A. चालू खाते में रुपये की पूर्ण परिवर्तनीयता की घोषणा 28 फरवरी, 1994 को की गई। रुपये की पूर्ण विनिमेयता/परिवर्तनीयता का अर्थ है चालू खाते तथा पूँजी खाते पर होने वाली सभी व्यवहारों को पूरा करने के लिए रुपये को किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वीकृत मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता तथा विदेशी मुद्रा को देश की मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता। पूँजी खाते पर परिवर्तनीयता का अर्थ हुआ पूँजी के अंतप्र्रवाह तथा बहिप्र्रवाह, भारतीयों द्वारा भारत में भारत से बाहर सम्पत्ति को बेचना तथा खरीदना तथा प्राप्त रुपये को देश से बाहर ले जाने पर या किसी विदेशी करेंसी में अपना जमा रखने की पूर्ण स्वतंत्रता। पूँजी खाता पर परिवर्तनीयता के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा, एस०एस० तारापोर की अध्यक्षता में गठित समिति ने् जून, 1997 में कुछ निश्चित दशाओं की पूर्ति पर क्रमिक ढंग से पूंजी खाते पर परिवर्तनीयता की संस्तुति की। यद्यपि पूँजी खाते पर पूर्ण परिवर्तनीयता नहीं हुयी है पर पूँजी खाते पर उदारीकरण के संबंध में अनेक कदम उठाए गए हैं।