Correct Answer:
Option C - प्रार्थना समाज के प्रवर्तक महादेव गोविंद रानाडे थे। महादेव गोविन्द रानाडे को महाराष्ट्र का सुकरात कहा जाता है। भारतीयों में शिक्षा के प्रसार और अज्ञानता के विनाश के उद्देश्य से रानाडे ने 1884 ई. में ‘डेक्कन एजुकेशन सोसायटी’ की स्थापना की। इसी सोसायटी को कालान्तर में पूना फर्ग्युसन कालेज का नाम दिया गया। डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के सदस्यों में तिलक गोखले और आगरकर शामिल थे।
C. प्रार्थना समाज के प्रवर्तक महादेव गोविंद रानाडे थे। महादेव गोविन्द रानाडे को महाराष्ट्र का सुकरात कहा जाता है। भारतीयों में शिक्षा के प्रसार और अज्ञानता के विनाश के उद्देश्य से रानाडे ने 1884 ई. में ‘डेक्कन एजुकेशन सोसायटी’ की स्थापना की। इसी सोसायटी को कालान्तर में पूना फर्ग्युसन कालेज का नाम दिया गया। डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के सदस्यों में तिलक गोखले और आगरकर शामिल थे।