Correct Answer:
Option D - ‘रक्षाबन्धन’ कहानी हरिकृष्ण प्रेमी ने लिखी थी।
यह कथन असत्य है। हरिकृष्ण प्रेमी जी की ‘रक्षाबंधन’ नाम से नाटक विधा की रचना है जिसमे गुजरात के बहादुरशाह के आक्रमण के अवसर पर चितौड़ की रानी कर्मवती द्वारा हुमायूँ को राखी भेजने का प्रसंग है, जबकि `रक्षाबन्धन' कहानी संग्रह 1913 ई. में प्रकाशित विश्वंभर नाथ शर्मा ‘कौशिक’ जी का प्रथम कहानी संग्रह है। ‘कौशिक’ जी प्रेमचन्द परम्परा के ख्याति प्राप्त कहानीकार थे, जिनका जन्म 1899 ई. में अम्बाला (पंजाब) में हुआ था। गल्प मंदिर, चित्रशाला, प्रेम प्रतिज्ञा, मणिमाला, कल्लोल इनके अन्य कहानी संग्रह है।
D. ‘रक्षाबन्धन’ कहानी हरिकृष्ण प्रेमी ने लिखी थी।
यह कथन असत्य है। हरिकृष्ण प्रेमी जी की ‘रक्षाबंधन’ नाम से नाटक विधा की रचना है जिसमे गुजरात के बहादुरशाह के आक्रमण के अवसर पर चितौड़ की रानी कर्मवती द्वारा हुमायूँ को राखी भेजने का प्रसंग है, जबकि `रक्षाबन्धन' कहानी संग्रह 1913 ई. में प्रकाशित विश्वंभर नाथ शर्मा ‘कौशिक’ जी का प्रथम कहानी संग्रह है। ‘कौशिक’ जी प्रेमचन्द परम्परा के ख्याति प्राप्त कहानीकार थे, जिनका जन्म 1899 ई. में अम्बाला (पंजाब) में हुआ था। गल्प मंदिर, चित्रशाला, प्रेम प्रतिज्ञा, मणिमाला, कल्लोल इनके अन्य कहानी संग्रह है।