Explanations:
अवध के कृषक आन्दोलन के नेता बाबा रामचंद्र थे। ये मूलत: महाराष्ट्र के रहने वाले थे। इन्होंने जमींदारी के विरूद्ध अवध के किसानों को संगठित करने के लिये पहल की। ये संन्यासी वेष में रहकर सभायें आयोजित करने लगे। रामचरित मानस के पाठ द्वारा किसानों को जागृत एवं संगठित किया। इन्ही के प्रयास से अक्टूबर, 1920 में प्रतापगढ़ में एक समानान्तर संगठन ‘अवध किसान सभा’ का गठन किया।