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Q: निम्नलिखित में से कौन ‘रक्त और लौह’ की नीति में विश्वास करता था?
  • A. ऐबक
  • B. बलबन
  • C. रजिया
  • D. इल्तुतमिश
Correct Answer: Option A - बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा को स्थापित करने के लिए ‘रक्त एवं लौह’ की नीति अपनायी थी। बलबन ने अपने को फिरदौसी के शाहनामा में वर्णित ‘अफरासियाब वंशज’ तथा शासन को ईरानी आदर्श के रूप में व्यवस्थित किया। बलबन ने इल्तुतमिश द्वारा गठित ‘दल चालीसा’ का दमन किया। इसने ईरानी त्यौहार ‘नौरोज प्रथा’ आरंभ की। बलबन गुलाम वंश का नौवां सुल्तान था।
A. बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा को स्थापित करने के लिए ‘रक्त एवं लौह’ की नीति अपनायी थी। बलबन ने अपने को फिरदौसी के शाहनामा में वर्णित ‘अफरासियाब वंशज’ तथा शासन को ईरानी आदर्श के रूप में व्यवस्थित किया। बलबन ने इल्तुतमिश द्वारा गठित ‘दल चालीसा’ का दमन किया। इसने ईरानी त्यौहार ‘नौरोज प्रथा’ आरंभ की। बलबन गुलाम वंश का नौवां सुल्तान था।

Explanations:

बलबन ने सुल्तान की प्रतिष्ठा को स्थापित करने के लिए ‘रक्त एवं लौह’ की नीति अपनायी थी। बलबन ने अपने को फिरदौसी के शाहनामा में वर्णित ‘अफरासियाब वंशज’ तथा शासन को ईरानी आदर्श के रूप में व्यवस्थित किया। बलबन ने इल्तुतमिश द्वारा गठित ‘दल चालीसा’ का दमन किया। इसने ईरानी त्यौहार ‘नौरोज प्रथा’ आरंभ की। बलबन गुलाम वंश का नौवां सुल्तान था।