Explanations:
निजी सम्पत्ति अथवा सामाजिक स्वामित्व लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये धर्मसंकट उत्पन्न कर सकता है। क्योंकि यदि सब कुछ समाज के अधीन हो जाये, तो इससे स्वतंत्रता का हनन होगा तथा यदि सब कुछ निजी स्वामित्व में चला जाये, तो असमानता उत्पन्न हो जायेगी। दोनों ही स्थितियाँ लोकतंत्र के लिये हानिकारक हैं।