Explanations:
किसी कार्य को बेहतर तरीके से कर पाने की क्षमता का विकास होना गत्यात्मक विकास कहलाता है। सूक्ष्म गतिक या गत्यात्मक कौशल प्राप्त कर लेने पर बच्चे वस्तुओं को उठाना, पकड़ना और जाँच–परख करने की प्रक्रिया सीख जाता है। इसमें बालक विभिन्न क्रियाओं को करना तथा उन्हें समन्वित एवं नियंत्रित करना सीखता है। इस प्रकार लिखना भी एक सूक्ष्म गतिक कौशल का एक उदाहरण है। सूक्ष्म गतिक कौशल के विकास से बच्चे अपने ज्ञानेन्द्रियों के माध्यम से परिवेश के सम्पर्क में आते हैं।