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Q: निम्नलिखित में से किस कंडक्टर का प्रयोग बल्बों में किया जाता है?
  • A. टंगस्टन
  • B. कॉर्बन
  • C. कॉपर
  • D. निक्रोम
Correct Answer: Option A - टंगस्टन या वोल्फ्रेम एक रासायनिक तत्व है जिसकी खोज 1781 में एक नए तत्व के रूप में हुई परन्तु 1783 ई० में इसे एक अलग धातु का दर्जा दिया गया। जिसका स्वीडिश नाम स्कीलाइट है। यह पृथ्वी पर प्राकृतिक धातु के रूप में पाया जाता है। इसका गलनांक बिन्दु 3695K (3422⁰C, 6192⁰F) तथा क्वथनांक बिन्दु 6203 K (5930⁰C 10706⁰F) है। इसका उपयोग, प्रकाशीय उपकरणों (बल्ब, ट्यूबलाईट आदि) में प्रकाशीय तत्व के रूप में किया जाता है।
A. टंगस्टन या वोल्फ्रेम एक रासायनिक तत्व है जिसकी खोज 1781 में एक नए तत्व के रूप में हुई परन्तु 1783 ई० में इसे एक अलग धातु का दर्जा दिया गया। जिसका स्वीडिश नाम स्कीलाइट है। यह पृथ्वी पर प्राकृतिक धातु के रूप में पाया जाता है। इसका गलनांक बिन्दु 3695K (3422⁰C, 6192⁰F) तथा क्वथनांक बिन्दु 6203 K (5930⁰C 10706⁰F) है। इसका उपयोग, प्रकाशीय उपकरणों (बल्ब, ट्यूबलाईट आदि) में प्रकाशीय तत्व के रूप में किया जाता है।

Explanations:

टंगस्टन या वोल्फ्रेम एक रासायनिक तत्व है जिसकी खोज 1781 में एक नए तत्व के रूप में हुई परन्तु 1783 ई० में इसे एक अलग धातु का दर्जा दिया गया। जिसका स्वीडिश नाम स्कीलाइट है। यह पृथ्वी पर प्राकृतिक धातु के रूप में पाया जाता है। इसका गलनांक बिन्दु 3695K (3422⁰C, 6192⁰F) तथा क्वथनांक बिन्दु 6203 K (5930⁰C 10706⁰F) है। इसका उपयोग, प्रकाशीय उपकरणों (बल्ब, ट्यूबलाईट आदि) में प्रकाशीय तत्व के रूप में किया जाता है।