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Q: निम्नलिखित में से किस मामलें में, राज्यसभा के पास लोकसभा के बराबर शक्ति और प्रतिष्ठा होती है?
  • A. राष्ट्रीय आपातकाल को रोकने के लिए प्रस्ताव पारित करना
  • B. संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पेश और पारित करना
  • C. अविश्वास प्रस्ताव, पेश करना और पारित करना
  • D. धन विधेयक, पेश और पारित करना
Correct Answer: Option B - संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पेश और पारित करने के मामले में, राज्यसभा के पास लोकसभा के बराबर शक्ति एवं प्रतिष्ठा होती है। अनुच्छेद 368 में प्रावधान किया गया है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन इस अनुच्छेद में अभिकथित प्रक्रिया के अनुसार कर सकेगी। संसद में प्रस्तुत विधेयकों को चार श्रेणियों में बांटा गया है– 1. साधारण विधेयक 2. धन विधेयक 3. वित्त विधेयक तथा 4. संविधान संशोधन विधेयक
B. संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पेश और पारित करने के मामले में, राज्यसभा के पास लोकसभा के बराबर शक्ति एवं प्रतिष्ठा होती है। अनुच्छेद 368 में प्रावधान किया गया है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन इस अनुच्छेद में अभिकथित प्रक्रिया के अनुसार कर सकेगी। संसद में प्रस्तुत विधेयकों को चार श्रेणियों में बांटा गया है– 1. साधारण विधेयक 2. धन विधेयक 3. वित्त विधेयक तथा 4. संविधान संशोधन विधेयक

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संवैधानिक संशोधन विधेयकों को पेश और पारित करने के मामले में, राज्यसभा के पास लोकसभा के बराबर शक्ति एवं प्रतिष्ठा होती है। अनुच्छेद 368 में प्रावधान किया गया है कि संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन इस अनुच्छेद में अभिकथित प्रक्रिया के अनुसार कर सकेगी। संसद में प्रस्तुत विधेयकों को चार श्रेणियों में बांटा गया है– 1. साधारण विधेयक 2. धन विधेयक 3. वित्त विधेयक तथा 4. संविधान संशोधन विधेयक