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Q: निम्नलिखित में संधि की दृष्टि से असंगत युग्म है :
  • A. परोपकार – गुण संधि
  • B. गिरीश – दीर्घ संधि
  • C. मतैक्य – यण् संधि
  • D. सद्गुण – व्यंजन संधि
Correct Answer: Option C - उपर्युक्त विकल्पों में ‘मतैक्य’ में वृद्धि सन्धि है न कि यण संधि अत: यह असंगत युग्म है। परोपकार - पर + उपकार ( अ + उ = ओ) गुण सन्धि गिरीश - गिरि + ईश (इ + ई = ई ) दीर्घ सन्धि मतैक्य - मत + ऐक्य (अ + ऐ = ऐ) वृद्धि सन्धि सद्गुण - सत् + गुण ( त् (व्यंजन) + ग (व्यंजन) = द्) व्यंजन संनिध
C. उपर्युक्त विकल्पों में ‘मतैक्य’ में वृद्धि सन्धि है न कि यण संधि अत: यह असंगत युग्म है। परोपकार - पर + उपकार ( अ + उ = ओ) गुण सन्धि गिरीश - गिरि + ईश (इ + ई = ई ) दीर्घ सन्धि मतैक्य - मत + ऐक्य (अ + ऐ = ऐ) वृद्धि सन्धि सद्गुण - सत् + गुण ( त् (व्यंजन) + ग (व्यंजन) = द्) व्यंजन संनिध

Explanations:

उपर्युक्त विकल्पों में ‘मतैक्य’ में वृद्धि सन्धि है न कि यण संधि अत: यह असंगत युग्म है। परोपकार - पर + उपकार ( अ + उ = ओ) गुण सन्धि गिरीश - गिरि + ईश (इ + ई = ई ) दीर्घ सन्धि मतैक्य - मत + ऐक्य (अ + ऐ = ऐ) वृद्धि सन्धि सद्गुण - सत् + गुण ( त् (व्यंजन) + ग (व्यंजन) = द्) व्यंजन संनिध