Correct Answer:
Option C - उपर्युक्त विकल्पों में ‘मतैक्य’ में वृद्धि सन्धि है न कि यण संधि अत: यह असंगत युग्म है।
परोपकार - पर + उपकार ( अ + उ = ओ) गुण सन्धि
गिरीश - गिरि + ईश (इ + ई = ई ) दीर्घ सन्धि
मतैक्य - मत + ऐक्य (अ + ऐ = ऐ) वृद्धि सन्धि
सद्गुण - सत् + गुण ( त् (व्यंजन) + ग (व्यंजन) = द्)
व्यंजन संनिध
C. उपर्युक्त विकल्पों में ‘मतैक्य’ में वृद्धि सन्धि है न कि यण संधि अत: यह असंगत युग्म है।
परोपकार - पर + उपकार ( अ + उ = ओ) गुण सन्धि
गिरीश - गिरि + ईश (इ + ई = ई ) दीर्घ सन्धि
मतैक्य - मत + ऐक्य (अ + ऐ = ऐ) वृद्धि सन्धि
सद्गुण - सत् + गुण ( त् (व्यंजन) + ग (व्यंजन) = द्)
व्यंजन संनिध