Correct Answer:
Option A - पारिस्थितिक तन्त्रों में सबसे ज्यादा प्राथमिक उत्पादन शैवाल तल और भित्तियों का है। उल्लेखनीय है कि प्रवाल में उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वनों की तुलना में अधिक जैव विविधता पायी जाती है क्योंकि प्रवालों की 1000000 प्रजातियाँ हैं। इसी कारण प्रवालों को सामुद्रिक वर्षा वन कहा जाता है।
• प्रवाल के विकास के लिए 20⁰C से 21⁰C तापमान आवश्यक होता है। प्रवाल की उत्पत्ति तथा विकास के लिए उथला सागर आवश्यक है। प्रवाल कम गहराई पर पाये जाते हैं जो 200 से 250 फीट या 60-77 मीटर से अधिक गहराई पर प्रवाल मर जाते हैं।
A. पारिस्थितिक तन्त्रों में सबसे ज्यादा प्राथमिक उत्पादन शैवाल तल और भित्तियों का है। उल्लेखनीय है कि प्रवाल में उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वनों की तुलना में अधिक जैव विविधता पायी जाती है क्योंकि प्रवालों की 1000000 प्रजातियाँ हैं। इसी कारण प्रवालों को सामुद्रिक वर्षा वन कहा जाता है।
• प्रवाल के विकास के लिए 20⁰C से 21⁰C तापमान आवश्यक होता है। प्रवाल की उत्पत्ति तथा विकास के लिए उथला सागर आवश्यक है। प्रवाल कम गहराई पर पाये जाते हैं जो 200 से 250 फीट या 60-77 मीटर से अधिक गहराई पर प्रवाल मर जाते हैं।