Correct Answer:
Option D - दक्षिणहस्ती घोंघे का दर्पण प्रतिबिम्ब किसी वामहस्ती घोंघे पर ही असममिति गुण के कारण फिट बैठता है। इस गुणधर्म के पीछे एक इकलौते जीन का हाथ है जबकि ऐसे शारीरिक लक्षण बहुत कम होते है जिन्हें किसी एक जीन के द्वारा चिह्नित किया जा सके ।
D. दक्षिणहस्ती घोंघे का दर्पण प्रतिबिम्ब किसी वामहस्ती घोंघे पर ही असममिति गुण के कारण फिट बैठता है। इस गुणधर्म के पीछे एक इकलौते जीन का हाथ है जबकि ऐसे शारीरिक लक्षण बहुत कम होते है जिन्हें किसी एक जीन के द्वारा चिह्नित किया जा सके ।