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Q: निर्देश (258–263) : अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उत्तरं चित्वा लिखत। केयूरा न विभूषयन्ति पुरुषं हारा न चन्द्रोज्ज्वला:। न स्नानं न विलेपनं न कुसुमं नालङ्कृता मूर्धजा:।। वाण्येका समलज्र्रोति पुरुषं या संस्कृता धार्यते। क्षीयन्ते खलु भूषणानि सततं वाग्भूषणं भूषणम्।। . मनुष्यं किम् न सज्जीकरोति?
  • A. विलेपनम्
  • B. अलङ्ककृता मूर्धजा:
  • C. वाणी
  • D. स्नानम्
Correct Answer: Option C - मनुष्यं वाणी न सज्जीकरोति। तात्पर्य है– दिए गए विकल्प के अनुसार वाणी को छोड़कर विलेपन, अलङ्कृत मूर्धजा, स्नान आदि की सज्जा मनुष्य करता है।
C. मनुष्यं वाणी न सज्जीकरोति। तात्पर्य है– दिए गए विकल्प के अनुसार वाणी को छोड़कर विलेपन, अलङ्कृत मूर्धजा, स्नान आदि की सज्जा मनुष्य करता है।

Explanations:

मनुष्यं वाणी न सज्जीकरोति। तात्पर्य है– दिए गए विकल्प के अनुसार वाणी को छोड़कर विलेपन, अलङ्कृत मूर्धजा, स्नान आदि की सज्जा मनुष्य करता है।