Correct Answer:
Option A - क्षुरभाण्डम् आनेतुं चिन्ताकुलाया: स्त्रिया: भर्ता अकथयत् चिन्ता से व्याकुल (दुखित) उस स्त्री का पति क्षुरे का पात्र लाने को कहता है। आनेतुम में तुमुन् (तुम) प्रत्यय है।
‘‘स्त्रिया:’’ स्त्री शब्द का पञ्चमी एवं षष्ठी विभक्ति एकवचन का रूप है।
‘‘अकथयत्’’ शब्द कथ् (कहना) धातु लङ्लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
नृप: का अर्थ राजा या स्वामी होता है।
A. क्षुरभाण्डम् आनेतुं चिन्ताकुलाया: स्त्रिया: भर्ता अकथयत् चिन्ता से व्याकुल (दुखित) उस स्त्री का पति क्षुरे का पात्र लाने को कहता है। आनेतुम में तुमुन् (तुम) प्रत्यय है।
‘‘स्त्रिया:’’ स्त्री शब्द का पञ्चमी एवं षष्ठी विभक्ति एकवचन का रूप है।
‘‘अकथयत्’’ शब्द कथ् (कहना) धातु लङ्लकार प्रथम पुरुष एकवचन का रूप है।
नृप: का अर्थ राजा या स्वामी होता है।