Explanations:
युवकस्य पिता ज्ञानाम्बाया: बुद्धिमत्वम् अजानत् । अर्थात् युवक का पिता ज्ञानाम्बा को बुद्धिमती माना। उसके बुद्धित्व के कारण ही उसके लिए वर दुर्लभ था। वररूप में स्वीकृत बोधराज से ज्ञानाम्बा द्वारा उसके नाम और व्याकरण के विषय में पूछा गया।