Correct Answer:
Option B - बर्नार्ड शा ने जीवन की उपमा खुली पुस्तक से दिया है, क्योंकि जिस तरह खुली पुस्तक में कुछ भी गुप्त नहीं होता ठीक उसी तरह उनके जीवन की सभी बातें प्रकट हैं, गुप्त नहीं।
B. बर्नार्ड शा ने जीवन की उपमा खुली पुस्तक से दिया है, क्योंकि जिस तरह खुली पुस्तक में कुछ भी गुप्त नहीं होता ठीक उसी तरह उनके जीवन की सभी बातें प्रकट हैं, गुप्त नहीं।