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Q: निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही । सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । रिमझिम रिमझिम क्या कुछ कहते बूँदों के स्वर, रोम सिहर उठते छूते वे भीतर अंतर ! धाराओं पर धाराएँ झरतीं धरती पर, रज के कण कण में तृण-तृण की पुलकावलि भर । पकड़ वारि की धार झूलता है मेरा मन, आओ रे सब मुझे घेरकर गाओ सावन । इंद्रधनुष के झूले में झूलें मिल सब जन, फिर फिर आए जीवन में सावन मनभावन । ‘रोम सिहर उठते’ से आशय है -
  • A. मन का भयातुर होना।
  • B. मन का प्रफुल्लित होना।
  • C. मन का सिहर उठना।
  • D. मन का शंकाकुल होना।
Correct Answer: Option B - काव्यांश में ‘रोम सिहर उठते’ से आशय है, मन का प्रफुल्लित होना।
B. काव्यांश में ‘रोम सिहर उठते’ से आशय है, मन का प्रफुल्लित होना।

Explanations:

काव्यांश में ‘रोम सिहर उठते’ से आशय है, मन का प्रफुल्लित होना।