Correct Answer:
Option A - आज का मानव अपने व्यक्तित्व और अस्तित्व के प्रति इसलिए शंकालु है, क्योंकि वह विज्ञान की विध्वंसक शक्तियों से भयभीत है।
A. आज का मानव अपने व्यक्तित्व और अस्तित्व के प्रति इसलिए शंकालु है, क्योंकि वह विज्ञान की विध्वंसक शक्तियों से भयभीत है।