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Q: नटों के नीचे स्प्रिंग वॉशरों का प्रयोग किया जाता है –
  • A. बोल्ट को खराब होने से बचाने के लिए
  • B. नट को खराब होने से बचाने के लिए
  • C. जॉब को खराब होने से बचाने के लिए
  • D. कम्पन के कारण नटों को ढीला होने से रोकने के लिए
Correct Answer: Option D - स्प्रिंग वाशर को नट के नीचे लगा दिया जाता है और नट को टाइट कर दिया जाता है। इस प्रकार स्प्रिंग वाशर का लचीलापन नट को बोल्ट पर टाइट रखता है और उसे ढीला नहीं होने देता जिससे स्प्रिंग वाशर नटों के लिए लॉकिंग डिवाइस की तरह प्रयोग किये जाते है। वाशर का वाह्य व्यास = 2 x बोल्ट व्यास वाशर की मोटाई= 0.15x बोल्ट व्यास
D. स्प्रिंग वाशर को नट के नीचे लगा दिया जाता है और नट को टाइट कर दिया जाता है। इस प्रकार स्प्रिंग वाशर का लचीलापन नट को बोल्ट पर टाइट रखता है और उसे ढीला नहीं होने देता जिससे स्प्रिंग वाशर नटों के लिए लॉकिंग डिवाइस की तरह प्रयोग किये जाते है। वाशर का वाह्य व्यास = 2 x बोल्ट व्यास वाशर की मोटाई= 0.15x बोल्ट व्यास

Explanations:

स्प्रिंग वाशर को नट के नीचे लगा दिया जाता है और नट को टाइट कर दिया जाता है। इस प्रकार स्प्रिंग वाशर का लचीलापन नट को बोल्ट पर टाइट रखता है और उसे ढीला नहीं होने देता जिससे स्प्रिंग वाशर नटों के लिए लॉकिंग डिवाइस की तरह प्रयोग किये जाते है। वाशर का वाह्य व्यास = 2 x बोल्ट व्यास वाशर की मोटाई= 0.15x बोल्ट व्यास