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Q: निदेश : नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 288 से 294) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहाार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल हैं। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवीं पास हो जाएँगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर हैं। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजें हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है।गद्यांश के अनुसार बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए
  • A. अधिक स्कूल खोले जाने चाहिए
  • B. शिक्षा-व्यवस्था में से पैसे वाले लोगों को निकाल देना चाहिए
  • C. बच्चों, शिक्षकों और पूरी शिक्षा-व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए
  • D. बच्चों को अधिक समय तक पढ़ाना चाहिए
Correct Answer: Option C - गद्यांश के अनुसार बच्चो की बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों शिक्षको और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए। नहीं तो बच्चो की शिक्षा व्यवस्था बाधित होगी। अन्य विकल्प असंगत है।
C. गद्यांश के अनुसार बच्चो की बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों शिक्षको और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए। नहीं तो बच्चो की शिक्षा व्यवस्था बाधित होगी। अन्य विकल्प असंगत है।

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गद्यांश के अनुसार बच्चो की बेहतर शिक्षा के लिए बच्चों शिक्षको और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए। नहीं तो बच्चो की शिक्षा व्यवस्था बाधित होगी। अन्य विकल्प असंगत है।