Correct Answer:
Option B - NCF (एन.सी.एफ.) 2005 में, यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रारम्भिक स्तर पर शिक्षण ‘शिक्षार्थी केन्द्रित’ होना चाहिए। शिक्षण का अधिगम-केन्द्रित दृष्टिकोण शिक्षार्थियों को केन्द्र में रखता है और बच्चों के अनुभवों और जरूरतों को प्रधानता देता है। यह दृढ़ता से मानता है कि जब बच्चों को अपनी गति से काम करने की स्वतंत्रता दी जाती है, तो वे अवधारणाओं को कुशलता से आत्मसात करने की क्षमता विकसित करते हैं।
शिक्षार्थी केन्द्रित शिक्षण के लक्षण–
1. यह अन्वेषण, अवलोकन और जाँच के महत्व पर बल देता है।
2. यह अधिगमकर्ताओं की क्षमताओं, योग्यताओं और सीखने की शैलियों को ध्यान में रखता है।
3. यह अनुभवात्मक अधिगम, समस्या-समाधान, अवधारणा मानचित्रण और रचनात्मक लेखन जैसी विधियों का उपयोग करता है।
4. यह बच्चों को एक कार्य करने के लिए अधिगम की अपनी रणनीति को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करने पर जोर देता है।
5. इसमें शिक्षक छात्रों को अपने गति से सीखने के लिए उचित परिवेश और सामग्री प्रदान करके एक समन्वयक के रूप में सुविधा प्रदान करता हैं।
B. NCF (एन.सी.एफ.) 2005 में, यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रारम्भिक स्तर पर शिक्षण ‘शिक्षार्थी केन्द्रित’ होना चाहिए। शिक्षण का अधिगम-केन्द्रित दृष्टिकोण शिक्षार्थियों को केन्द्र में रखता है और बच्चों के अनुभवों और जरूरतों को प्रधानता देता है। यह दृढ़ता से मानता है कि जब बच्चों को अपनी गति से काम करने की स्वतंत्रता दी जाती है, तो वे अवधारणाओं को कुशलता से आत्मसात करने की क्षमता विकसित करते हैं।
शिक्षार्थी केन्द्रित शिक्षण के लक्षण–
1. यह अन्वेषण, अवलोकन और जाँच के महत्व पर बल देता है।
2. यह अधिगमकर्ताओं की क्षमताओं, योग्यताओं और सीखने की शैलियों को ध्यान में रखता है।
3. यह अनुभवात्मक अधिगम, समस्या-समाधान, अवधारणा मानचित्रण और रचनात्मक लेखन जैसी विधियों का उपयोग करता है।
4. यह बच्चों को एक कार्य करने के लिए अधिगम की अपनी रणनीति को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करने पर जोर देता है।
5. इसमें शिक्षक छात्रों को अपने गति से सीखने के लिए उचित परिवेश और सामग्री प्रदान करके एक समन्वयक के रूप में सुविधा प्रदान करता हैं।