Correct Answer:
Option C - नेत्रिका एवं अभिदृश्यक (eye piece and objective) दोनों के द्वारा लम्बन का निरास (parallax) को समाप्त किया जा सकता है।
लम्बन दोष को दूर करने के लिए पहले नेत्रिका (eye piece) का समायोजन करे ताकि कृसतन्तु स्पष्ट दिखने लगे ऐसा करते समय लक्ष्य (object) सिरे को एक सपेâद कागज से ढंक ले। अब फोकäसन पेंच को घुमाकर लक्ष्य (गज) का प्रतिबिम्ब ठीक करें। जब लम्बन का निरास हो जाये तो गज पर पाठ्यांक पढ़े।
लम्बन (Parallax)–जब लक्ष्य काँच (object glass) द्वारा बनाया गया किसी लक्ष्य का प्रतिबिम्ब, बिम्बपट (डायाफ्राम) के पर्दे (plane) पर ठीक से नहीं उतरता है अथवा आँख को ऊपर-नीचे करके देखने पर प्रतिबिम्ब कृसतन्तु पर तैरता हुआ नजर आता है, तो इसे लम्बन दोष कहते है।
C. नेत्रिका एवं अभिदृश्यक (eye piece and objective) दोनों के द्वारा लम्बन का निरास (parallax) को समाप्त किया जा सकता है।
लम्बन दोष को दूर करने के लिए पहले नेत्रिका (eye piece) का समायोजन करे ताकि कृसतन्तु स्पष्ट दिखने लगे ऐसा करते समय लक्ष्य (object) सिरे को एक सपेâद कागज से ढंक ले। अब फोकäसन पेंच को घुमाकर लक्ष्य (गज) का प्रतिबिम्ब ठीक करें। जब लम्बन का निरास हो जाये तो गज पर पाठ्यांक पढ़े।
लम्बन (Parallax)–जब लक्ष्य काँच (object glass) द्वारा बनाया गया किसी लक्ष्य का प्रतिबिम्ब, बिम्बपट (डायाफ्राम) के पर्दे (plane) पर ठीक से नहीं उतरता है अथवा आँख को ऊपर-नीचे करके देखने पर प्रतिबिम्ब कृसतन्तु पर तैरता हुआ नजर आता है, तो इसे लम्बन दोष कहते है।