search
Q: Parenchyma tissue with large vacules are called:
  • A. Collenchyma
  • B. Chlorenchyama
  • C. Aerenchyma
  • D. Prosenchyama
Correct Answer: Option C - ऐसे मृदूतक (Parenehyma) जिसमें अंतरा कोशिका अवकाश सबसे अधिक विकसित होते है, वायुतक (Aerenechyma) कहलाते है। ये मुख्यत: जलोद्भिद (Hydrophytes) पौधों में पाए जाते है। ये पौधों को उत्पलावकता (Buoyancy) प्रदान करते है। Collenchyma–ये कोशिकाएँ मृदूतक कोशाओं की तुलना में लम्बी होती है। अन्तराकोशीय स्थान (Intercellular spaces) प्राय अनुपस्थित होते है। क्योंकि अन्तराकोशीय स्थानों में कोशाओं के कोनों पर कोशा-भित्ति के ऊपर पेक्टिन सहित सेलुलोज की परत जम जाती है। स्थूलकोण ऊतक प्राय: शाकीय द्विबीजपत्री तनों में बाह्य त्वचा के नीचे तीन या चार पर्तों के रूप में अधस्त्वचा (Hypodermis) का निर्माण करता है। Chlorenchyma–कभी-कभी इन ऊतकों में हरितलवक (Chloroplast) उत्पन्न हो जाता है। तब इन्हें हरित ऊतक (Chlorenchyma) कहते है। इन कोशाओं में प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरूप भोज्य पदार्थों का निर्माण होता है। Prosenchyma–ये Starch-containing parenchymal cells होती है जिसकी कोशिकाओं में लिग्निन पाया जाता है।
C. ऐसे मृदूतक (Parenehyma) जिसमें अंतरा कोशिका अवकाश सबसे अधिक विकसित होते है, वायुतक (Aerenechyma) कहलाते है। ये मुख्यत: जलोद्भिद (Hydrophytes) पौधों में पाए जाते है। ये पौधों को उत्पलावकता (Buoyancy) प्रदान करते है। Collenchyma–ये कोशिकाएँ मृदूतक कोशाओं की तुलना में लम्बी होती है। अन्तराकोशीय स्थान (Intercellular spaces) प्राय अनुपस्थित होते है। क्योंकि अन्तराकोशीय स्थानों में कोशाओं के कोनों पर कोशा-भित्ति के ऊपर पेक्टिन सहित सेलुलोज की परत जम जाती है। स्थूलकोण ऊतक प्राय: शाकीय द्विबीजपत्री तनों में बाह्य त्वचा के नीचे तीन या चार पर्तों के रूप में अधस्त्वचा (Hypodermis) का निर्माण करता है। Chlorenchyma–कभी-कभी इन ऊतकों में हरितलवक (Chloroplast) उत्पन्न हो जाता है। तब इन्हें हरित ऊतक (Chlorenchyma) कहते है। इन कोशाओं में प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरूप भोज्य पदार्थों का निर्माण होता है। Prosenchyma–ये Starch-containing parenchymal cells होती है जिसकी कोशिकाओं में लिग्निन पाया जाता है।

Explanations:

ऐसे मृदूतक (Parenehyma) जिसमें अंतरा कोशिका अवकाश सबसे अधिक विकसित होते है, वायुतक (Aerenechyma) कहलाते है। ये मुख्यत: जलोद्भिद (Hydrophytes) पौधों में पाए जाते है। ये पौधों को उत्पलावकता (Buoyancy) प्रदान करते है। Collenchyma–ये कोशिकाएँ मृदूतक कोशाओं की तुलना में लम्बी होती है। अन्तराकोशीय स्थान (Intercellular spaces) प्राय अनुपस्थित होते है। क्योंकि अन्तराकोशीय स्थानों में कोशाओं के कोनों पर कोशा-भित्ति के ऊपर पेक्टिन सहित सेलुलोज की परत जम जाती है। स्थूलकोण ऊतक प्राय: शाकीय द्विबीजपत्री तनों में बाह्य त्वचा के नीचे तीन या चार पर्तों के रूप में अधस्त्वचा (Hypodermis) का निर्माण करता है। Chlorenchyma–कभी-कभी इन ऊतकों में हरितलवक (Chloroplast) उत्पन्न हो जाता है। तब इन्हें हरित ऊतक (Chlorenchyma) कहते है। इन कोशाओं में प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के फलस्वरूप भोज्य पदार्थों का निर्माण होता है। Prosenchyma–ये Starch-containing parenchymal cells होती है जिसकी कोशिकाओं में लिग्निन पाया जाता है।