Correct Answer:
Option B - संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की नर या मादा जाति का बोध हो, उसे व्याकरण में लिंग कहते हैं। लिंग संस्कृत भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ होता है, चिह्न या निशान। चिह्न या निशान किसी संज्ञा का होता है। संज्ञा किसी वस्तु के नाम को कहते हैं और वस्तु या तो पुरुषजाति की होगी या स्त्री जाति की। तात्पर्य यह है कि प्रत्येक संज्ञा पुलिंग या स्त्रीलिंग होती है।
B. संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की नर या मादा जाति का बोध हो, उसे व्याकरण में लिंग कहते हैं। लिंग संस्कृत भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ होता है, चिह्न या निशान। चिह्न या निशान किसी संज्ञा का होता है। संज्ञा किसी वस्तु के नाम को कहते हैं और वस्तु या तो पुरुषजाति की होगी या स्त्री जाति की। तात्पर्य यह है कि प्रत्येक संज्ञा पुलिंग या स्त्रीलिंग होती है।