search
Next arrow-right
Q: पिस्टन रिंगों का कार्य...........को कंट्रोल करना होता है।
  • A. कम्बस्चन प्रैशर
  • B. सिलेंडर दीवार की लुब्रिकेशन
  • C. तेल की खपत
  • D. उपरोक्त सभी
Correct Answer: Option D - पिस्टन रिंग के निम्नलिखित कार्य है– (1) ये पिस्टन और सिलिण्डर के बीच प्रैशर सील बनाये रहते हैं। जिससे कम्बस्चन चैम्बर की हाई प्रैशर गैस क्रैंक केस में लीक नहीं करती है। (2) पिस्टन हैड से सिलिण्डर की दीवार में ऊष्मा बहने के लिए रास्ता बनाती है। (3) लुब्रीकेटिंग ऑयल का बहाव कण्ट्रोल करती है। (4) तेल की खपत कन्ट्रोल करती है।
D. पिस्टन रिंग के निम्नलिखित कार्य है– (1) ये पिस्टन और सिलिण्डर के बीच प्रैशर सील बनाये रहते हैं। जिससे कम्बस्चन चैम्बर की हाई प्रैशर गैस क्रैंक केस में लीक नहीं करती है। (2) पिस्टन हैड से सिलिण्डर की दीवार में ऊष्मा बहने के लिए रास्ता बनाती है। (3) लुब्रीकेटिंग ऑयल का बहाव कण्ट्रोल करती है। (4) तेल की खपत कन्ट्रोल करती है।

Explanations:

पिस्टन रिंग के निम्नलिखित कार्य है– (1) ये पिस्टन और सिलिण्डर के बीच प्रैशर सील बनाये रहते हैं। जिससे कम्बस्चन चैम्बर की हाई प्रैशर गैस क्रैंक केस में लीक नहीं करती है। (2) पिस्टन हैड से सिलिण्डर की दीवार में ऊष्मा बहने के लिए रास्ता बनाती है। (3) लुब्रीकेटिंग ऑयल का बहाव कण्ट्रोल करती है। (4) तेल की खपत कन्ट्रोल करती है।