Correct Answer:
Option D - ‘पंत जी और पल्लव’ शीर्षक से साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने प्रसिद्ध समीक्षा लिखी है। निराला की अन्य समीक्षात्म कृति है। रवीन्द्र कविता कानन तथा प्रबन्ध वद्य। निराला ने ‘कविता’ को हिन्दी का जातीय छन्द कहा है।
D. ‘पंत जी और पल्लव’ शीर्षक से साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने प्रसिद्ध समीक्षा लिखी है। निराला की अन्य समीक्षात्म कृति है। रवीन्द्र कविता कानन तथा प्रबन्ध वद्य। निराला ने ‘कविता’ को हिन्दी का जातीय छन्द कहा है।