Correct Answer:
Option B - पीतल और ब्रोन्ज को आक्सीडाइजिंग ज्वाला द्वारा वेल्ड किया जाता है। आक्सीडाइजिंग फ्लेम में इसमें, आक्सीजन की मात्रा एसीटिलीन की मात्रा से कुछ अधिक रखी जाती है। यह फ्लेम धातुओं का ऑक्सीकरण कर देती है। इसका प्रयोग पीतल एवं अन्य धातुओं को वेल्ड किया जाता है।
B. पीतल और ब्रोन्ज को आक्सीडाइजिंग ज्वाला द्वारा वेल्ड किया जाता है। आक्सीडाइजिंग फ्लेम में इसमें, आक्सीजन की मात्रा एसीटिलीन की मात्रा से कुछ अधिक रखी जाती है। यह फ्लेम धातुओं का ऑक्सीकरण कर देती है। इसका प्रयोग पीतल एवं अन्य धातुओं को वेल्ड किया जाता है।