Correct Answer:
Option D - मध्य रेखा विधि में–
(i) किसी मद की अनुप्रस्थ खण्ड (Cross-Section) का क्षेत्रफल तथा दीवार की केन्द्र रेखाओं का गुणनफल उस मद की पूर्ण मात्रा को दर्शाता है।
(ii) किसी भवन की एक दीवार के विभिन्न क्षेत्रों के लिए केंद्र रेखा के लम्बाई की गणना अलग-अलग काट पर अलग-अलग की जाती है।
(iii) एक आड़ी/विभाजक दीवार के कारण मुख्य दीवार पर दो संगम बनते हैं और दोनों संगम के लिए दीवार की मोटाई मध्य रेखा की लम्बाई में से घटानी पड़ती है।
D. मध्य रेखा विधि में–
(i) किसी मद की अनुप्रस्थ खण्ड (Cross-Section) का क्षेत्रफल तथा दीवार की केन्द्र रेखाओं का गुणनफल उस मद की पूर्ण मात्रा को दर्शाता है।
(ii) किसी भवन की एक दीवार के विभिन्न क्षेत्रों के लिए केंद्र रेखा के लम्बाई की गणना अलग-अलग काट पर अलग-अलग की जाती है।
(iii) एक आड़ी/विभाजक दीवार के कारण मुख्य दीवार पर दो संगम बनते हैं और दोनों संगम के लिए दीवार की मोटाई मध्य रेखा की लम्बाई में से घटानी पड़ती है।