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Q: ‘‘रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती मानुस चून’’– वर्णित लोकोक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचानिए।
  • A. रूपक
  • B. उत्प्रेक्षा
  • C. श्लेष
  • D. यमक
Correct Answer: Option C - रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गये न ऊबरे, मोती मानुस चून।। प्रस्तुत पंक्ति में ‘श्लेष अलंकार’ है। यहाँ पर ‘पानी’ शब्द के तीन अलग–अलग अर्थ हैं। पानी का प्रथम अर्थ ‘आभा या चमक’ है जो मोती के सन्दर्भ में है, दूसरा अर्थ है– ‘इज्जत या प्रतिष्ठा’ जो मनुष्य के सन्दर्भ में है तथा तीसरा अर्थ है– ‘जल’ जो चूने के सन्दर्भ में है।
C. रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गये न ऊबरे, मोती मानुस चून।। प्रस्तुत पंक्ति में ‘श्लेष अलंकार’ है। यहाँ पर ‘पानी’ शब्द के तीन अलग–अलग अर्थ हैं। पानी का प्रथम अर्थ ‘आभा या चमक’ है जो मोती के सन्दर्भ में है, दूसरा अर्थ है– ‘इज्जत या प्रतिष्ठा’ जो मनुष्य के सन्दर्भ में है तथा तीसरा अर्थ है– ‘जल’ जो चूने के सन्दर्भ में है।

Explanations:

रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून। पानी गये न ऊबरे, मोती मानुस चून।। प्रस्तुत पंक्ति में ‘श्लेष अलंकार’ है। यहाँ पर ‘पानी’ शब्द के तीन अलग–अलग अर्थ हैं। पानी का प्रथम अर्थ ‘आभा या चमक’ है जो मोती के सन्दर्भ में है, दूसरा अर्थ है– ‘इज्जत या प्रतिष्ठा’ जो मनुष्य के सन्दर्भ में है तथा तीसरा अर्थ है– ‘जल’ जो चूने के सन्दर्भ में है।