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Q: ‘राजपुरुष:’ इति उदाहरणमस्ति–
  • A. द्वन्द्वस्य
  • B. बहुव्रीहे:
  • C. समानाधिकरणतत्पुरुषस्य
  • D. व्यधिकरणतत्पुरुषस्य
Correct Answer: Option D - ‘राजपुरुष:’ इति उदाहरणम् व्यधिकरण तत्पुरुषस्य अस्ति। ‘राजपुरुष:’ यह उदाहरण व्यधिकरण तत्पुरुष का है। तत्पुरुष समास के दो भेद होते हैं- (1) समानाधिकरण तत्पुरुष (2) व्यधिकरण तत्पुरुष • समानाधिकरण तत्पुरुष को ही कर्मधारय कहते हैं। • व्यधिकरण तत्पुरुष के छ: भेद हैं- द्वितीया से सप्तमी वि० तक तत्पुरुष समास है। • प्रथमा वि० तत्पुरुष व्यधिकरण में नहीं होता है क्योंकि प्रथमा विभक्ति को समानाधिकरण में रखा गया है।
D. ‘राजपुरुष:’ इति उदाहरणम् व्यधिकरण तत्पुरुषस्य अस्ति। ‘राजपुरुष:’ यह उदाहरण व्यधिकरण तत्पुरुष का है। तत्पुरुष समास के दो भेद होते हैं- (1) समानाधिकरण तत्पुरुष (2) व्यधिकरण तत्पुरुष • समानाधिकरण तत्पुरुष को ही कर्मधारय कहते हैं। • व्यधिकरण तत्पुरुष के छ: भेद हैं- द्वितीया से सप्तमी वि० तक तत्पुरुष समास है। • प्रथमा वि० तत्पुरुष व्यधिकरण में नहीं होता है क्योंकि प्रथमा विभक्ति को समानाधिकरण में रखा गया है।

Explanations:

‘राजपुरुष:’ इति उदाहरणम् व्यधिकरण तत्पुरुषस्य अस्ति। ‘राजपुरुष:’ यह उदाहरण व्यधिकरण तत्पुरुष का है। तत्पुरुष समास के दो भेद होते हैं- (1) समानाधिकरण तत्पुरुष (2) व्यधिकरण तत्पुरुष • समानाधिकरण तत्पुरुष को ही कर्मधारय कहते हैं। • व्यधिकरण तत्पुरुष के छ: भेद हैं- द्वितीया से सप्तमी वि० तक तत्पुरुष समास है। • प्रथमा वि० तत्पुरुष व्यधिकरण में नहीं होता है क्योंकि प्रथमा विभक्ति को समानाधिकरण में रखा गया है।