Q: ‘स च कुलपतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता’ इत्यनेन संकेतितोऽस्ति–
A.
वाल्मीकि:
B.
व्यास:
C.
अगस्त्य:
D.
वसिष्ठ:
Correct Answer:
Option A - ‘स च कुलपतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता’ इत्यनेन संकेतितोऽस्ति ‘वाल्मीकि:’। रामायण कवि वाल्मीकि की रचना है। इसमें 24000 श्लोक है। इसीलिए इसे ‘चतुर्विंशति:सहस्रीसंहिता’ कहा जाता है।
A. ‘स च कुलपतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता’ इत्यनेन संकेतितोऽस्ति ‘वाल्मीकि:’। रामायण कवि वाल्मीकि की रचना है। इसमें 24000 श्लोक है। इसीलिए इसे ‘चतुर्विंशति:सहस्रीसंहिता’ कहा जाता है।
Explanations:
‘स च कुलपतिराद्यश्छन्दसां य: प्रयोक्ता’ इत्यनेन संकेतितोऽस्ति ‘वाल्मीकि:’। रामायण कवि वाल्मीकि की रचना है। इसमें 24000 श्लोक है। इसीलिए इसे ‘चतुर्विंशति:सहस्रीसंहिता’ कहा जाता है।
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