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Q: संज्ञान के स्तर पर विकसित.........अन्य भाषाओं में आसानी से अनूदित होती रहती है।
  • A. व्याकरण क्षमता
  • B. तर्क क्षमता
  • C. भाषा क्षमता
  • D. ज्ञान क्षमता
Correct Answer: Option C - संज्ञान के स्तर पर विकसित भाषा क्षमता अन्य भाषाओं में आसानी में अनूदित होती रहती है। जो भाषायी क्षमता संज्ञान या अनुभूति के आधार पर विकसित होती है वह अन्य भाषाओं के साथ शीघ्रता से तालमेल स्थापित कर लेती है। यही कारण है कि मूक फिल्में सभी भाषा भाषी सहजता से समझ लेते हैं।
C. संज्ञान के स्तर पर विकसित भाषा क्षमता अन्य भाषाओं में आसानी में अनूदित होती रहती है। जो भाषायी क्षमता संज्ञान या अनुभूति के आधार पर विकसित होती है वह अन्य भाषाओं के साथ शीघ्रता से तालमेल स्थापित कर लेती है। यही कारण है कि मूक फिल्में सभी भाषा भाषी सहजता से समझ लेते हैं।

Explanations:

संज्ञान के स्तर पर विकसित भाषा क्षमता अन्य भाषाओं में आसानी में अनूदित होती रहती है। जो भाषायी क्षमता संज्ञान या अनुभूति के आधार पर विकसित होती है वह अन्य भाषाओं के साथ शीघ्रता से तालमेल स्थापित कर लेती है। यही कारण है कि मूक फिल्में सभी भाषा भाषी सहजता से समझ लेते हैं।