Correct Answer:
Option A - मानव विकास शरीर के केंद्र से बाहर की ओर होता है। यह समीपस्थ विकास का सिद्धान्त है जो विकास की दिशा का भी वर्णन करता है। इसका मतलब यह है कि रीढ़ की हड्डी शरीर के बाहरी हिस्सों से पहले विकसित होती है। बच्चे की भुजाएँ एवं अंग हाथों और पैरों से पहले विकसित होते हैं और हाथ तथा पैर की उंगलियों और पैर की माँसपेशियों (ठीक मोटर निपुणता में प्रयुक्त) का विकास सबसे बाद में होता है।
A. मानव विकास शरीर के केंद्र से बाहर की ओर होता है। यह समीपस्थ विकास का सिद्धान्त है जो विकास की दिशा का भी वर्णन करता है। इसका मतलब यह है कि रीढ़ की हड्डी शरीर के बाहरी हिस्सों से पहले विकसित होती है। बच्चे की भुजाएँ एवं अंग हाथों और पैरों से पहले विकसित होते हैं और हाथ तथा पैर की उंगलियों और पैर की माँसपेशियों (ठीक मोटर निपुणता में प्रयुक्त) का विकास सबसे बाद में होता है।