Explanations:
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ है कि हर वयस्क महिला तथा पुरुष को बिना भेदभाव के वोट डालने का अधिकार प्रदान करना। इस प्रणाली के अधीन एक निर्धारित आयु के पश्चात व्यक्ति को वोट डालने का अधिकार प्राप्त हो जाता है। सबसे पहले जर्मनी में 1919 में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धान्त को लागू किया गया। भारत में इसकी शुरुआत करने वाला पहला राज्य मणिपुर है।