Correct Answer:
Option D - स्पेक्ट्रो हीलियोग्राफ वह यंत्र है जिसके द्वारा वस्तु का त्रिविमीय (3D) प्रतिबिम्ब बनाया जाता है। इस यंत्र द्वारा सूर्य के समूचे या किसी एक भाग का चित्रांकन (फोटोग्राफी) की जाती है। इस यंत्र के विकास की मौखिक परिकल्पना जैन्सेन ने 1861 में दी थी तथा इसे सर्वप्रथम हेल ने हावर्ड यूनिवर्सिटी में काम करते हुए 1891 में बनाया। बाद में 1962 में लेजर हैलोग्राफी भी खोजी गयी।
D. स्पेक्ट्रो हीलियोग्राफ वह यंत्र है जिसके द्वारा वस्तु का त्रिविमीय (3D) प्रतिबिम्ब बनाया जाता है। इस यंत्र द्वारा सूर्य के समूचे या किसी एक भाग का चित्रांकन (फोटोग्राफी) की जाती है। इस यंत्र के विकास की मौखिक परिकल्पना जैन्सेन ने 1861 में दी थी तथा इसे सर्वप्रथम हेल ने हावर्ड यूनिवर्सिटी में काम करते हुए 1891 में बनाया। बाद में 1962 में लेजर हैलोग्राफी भी खोजी गयी।