Correct Answer:
Option A - जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अत: ‘‘संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक व्यवहार’’ जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।
A. जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अत: ‘‘संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक व्यवहार’’ जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।