search
Q: संवेग का कौन सा सिद्धान्त इस विचार को मानता है कि ‘संवेगात्मक अनुभव संवेगात्मक व्यवहार’ पर आधारित हैं-
  • A. जेम्स लैंग सिद्धांत
  • B. हाइपोटोलसिक सिद्धांत
  • C. सक्रियता सिद्धांत
  • D. अभिप्रेरण सिद्धांत
Correct Answer: Option A - जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अत: ‘‘संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक व्यवहार’’ जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।
A. जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अत: ‘‘संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक व्यवहार’’ जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।

Explanations:

जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अत: ‘‘संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक व्यवहार’’ जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।