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Q: `सेवाधर्म: परमगहनो योगिनामप्यगम्य: श्लोकांश में परमगहनो का क्या अर्थ है–
  • A. सेवावृत्ति
  • B. स्वाभिमान
  • C. असहनशील
  • D. असम्भव
Correct Answer: Option D - भर्तृहरि ने नीतिशतकम् में कहा है कि सेवाधर्म बहुत ही कठिन है। योगियों क लिए भी अगम्य है। अर्थात् मुनिलोग भी इसको नहीं निभा पाते तो साधारण मनुष्य की बात ही क्या है।
D. भर्तृहरि ने नीतिशतकम् में कहा है कि सेवाधर्म बहुत ही कठिन है। योगियों क लिए भी अगम्य है। अर्थात् मुनिलोग भी इसको नहीं निभा पाते तो साधारण मनुष्य की बात ही क्या है।

Explanations:

भर्तृहरि ने नीतिशतकम् में कहा है कि सेवाधर्म बहुत ही कठिन है। योगियों क लिए भी अगम्य है। अर्थात् मुनिलोग भी इसको नहीं निभा पाते तो साधारण मनुष्य की बात ही क्या है।