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Q: Secondary waves are also known as______ द्वितीयक तरंगों को.........भी कहा जाता है।
  • A. R waves/R तरंगें
  • B. S waves /S तरंगें
  • C. Q waves /Q तरंगें(
  • D. P waves/ P तरंगें
Correct Answer: Option B - द्वितीयक या अनुप्रस्थ तरंगे या ए-तरंग (Secondary or Transverse waves or S-wave) वह भूकम्पीय तरंग जो भूपृष्ठ को अपनी गति की दिशा के अनुलम्ब आगे-पीछे हिलोर देती है, ए तरंगे कहीं जाती है। ■ ए-तरंगों के कारण कणों का प्रचलन तरंग की दिशा के समकोणक (उपर-नीचे या दायें-बायें) होता है। कणों के प्रचलन की दिशा के आधार पर ए-तरंग, उर्ध्वतल गति व क्षैतिज तल गति दो घटकों में बांटी जाती है।
B. द्वितीयक या अनुप्रस्थ तरंगे या ए-तरंग (Secondary or Transverse waves or S-wave) वह भूकम्पीय तरंग जो भूपृष्ठ को अपनी गति की दिशा के अनुलम्ब आगे-पीछे हिलोर देती है, ए तरंगे कहीं जाती है। ■ ए-तरंगों के कारण कणों का प्रचलन तरंग की दिशा के समकोणक (उपर-नीचे या दायें-बायें) होता है। कणों के प्रचलन की दिशा के आधार पर ए-तरंग, उर्ध्वतल गति व क्षैतिज तल गति दो घटकों में बांटी जाती है।

Explanations:

द्वितीयक या अनुप्रस्थ तरंगे या ए-तरंग (Secondary or Transverse waves or S-wave) वह भूकम्पीय तरंग जो भूपृष्ठ को अपनी गति की दिशा के अनुलम्ब आगे-पीछे हिलोर देती है, ए तरंगे कहीं जाती है। ■ ए-तरंगों के कारण कणों का प्रचलन तरंग की दिशा के समकोणक (उपर-नीचे या दायें-बायें) होता है। कणों के प्रचलन की दिशा के आधार पर ए-तरंग, उर्ध्वतल गति व क्षैतिज तल गति दो घटकों में बांटी जाती है।