Explanations:
द्वितीयक या अनुप्रस्थ तरंगे या ए-तरंग (Secondary or Transverse waves or S-wave) वह भूकम्पीय तरंग जो भूपृष्ठ को अपनी गति की दिशा के अनुलम्ब आगे-पीछे हिलोर देती है, ए तरंगे कहीं जाती है। ■ ए-तरंगों के कारण कणों का प्रचलन तरंग की दिशा के समकोणक (उपर-नीचे या दायें-बायें) होता है। कणों के प्रचलन की दिशा के आधार पर ए-तरंग, उर्ध्वतल गति व क्षैतिज तल गति दो घटकों में बांटी जाती है।