Correct Answer:
Option B - प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ सेनापति के ऋतु वर्णन से ली गयी हैं। सेनापति भक्तिकाल एवं रीतिकाल के संधियुग के कवि हैं। इनके पिता का नाम गंगाधर था। इनके द्वारा रचित दो ग्रंथों का उल्लेख प्राप्त होता है- (1) कवित्त रत्नाकर, (2) काव्य कल्पद्रुम।
‘कवित्त रत्नाकर’ 5 तरंगो में विभाजित है। इस ग्रंथ में कुल मिलाकर 405 छंद हैं।
B. प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ सेनापति के ऋतु वर्णन से ली गयी हैं। सेनापति भक्तिकाल एवं रीतिकाल के संधियुग के कवि हैं। इनके पिता का नाम गंगाधर था। इनके द्वारा रचित दो ग्रंथों का उल्लेख प्राप्त होता है- (1) कवित्त रत्नाकर, (2) काव्य कल्पद्रुम।
‘कवित्त रत्नाकर’ 5 तरंगो में विभाजित है। इस ग्रंथ में कुल मिलाकर 405 छंद हैं।