Correct Answer:
Option A - शुकनासोपदेशानुसारेण लक्ष्मी: सरस्वतीपरिगृहीतं जनं ईर्ष्याकारणात् नालिङ्गति अर्थात् शुकनासोपदेश के अनुसार लक्ष्मी विद्वान् का ईर्ष्या के कारण आलिङ्गन नहीं करती हैं। शुकनासोपदेश का वर्णन कादम्बरी के पूर्वार्द्ध में प्राप्त होता है। कादम्बरी महाकवि बाणभट्ट का प्रसिद्ध गद्य काव्य है।
A. शुकनासोपदेशानुसारेण लक्ष्मी: सरस्वतीपरिगृहीतं जनं ईर्ष्याकारणात् नालिङ्गति अर्थात् शुकनासोपदेश के अनुसार लक्ष्मी विद्वान् का ईर्ष्या के कारण आलिङ्गन नहीं करती हैं। शुकनासोपदेश का वर्णन कादम्बरी के पूर्वार्द्ध में प्राप्त होता है। कादम्बरी महाकवि बाणभट्ट का प्रसिद्ध गद्य काव्य है।